Sunday, 13 July 2014

प्रेत बुलवाने का मन्त्र

कई बार एसा होता है की किसी को प्रेत या कोई अन्य ओपरा हो जाने प्र व्यक्ति गुम हो जाता है या फिर बोलना बंद कर देता है यदि कभी किसी के साथ एसा हो तो ईलाज करने मे बड़ी मुश्किल हो ज़ाती है इसलिये मै यंहा प्रेत बुलवाने का मन्त्र दे रहा हु .इस मन्त्र के प्रभाव से कोई भी ओपरा हो अपना सही सही परिचय देगा। 

मन्त्र 
ओ३म् नमो हनुमंत वीर वज्र धरी डाकिनी शाकिनी घेरी मारी 
गंगा जमुना हमारा बाण बोले बक रे नहीं तो राजा रामचन्द्र लक्ष्‍मण कुमार
जती हनुमंत गुरु गोरख की आन शब्द साँचा पिण्ड काचा फुरो मन्त्र ईश्वरी वाचा ।

विधि
सबसे पहले इस मन्त्र को सिद्ध कर लेवे मंगलवार से शुरू करके अगले मंगल वार तक एक माला का हर रोज शाम को हनुमान मंदिर मे जाप करें व हनुमान जी को हर रोज थोड़ा मीठे का भोग लगते रहे तो मन्त्र सिद्ध हो जायेगा।
इत्र एवम् चमेली के फूल को इस मन्त्र से अभिमन्त्रित करके सूंघने को दें और मन्त्र जाप करते रहें तो कुछ हि देर मे किया कराया या प्रेत आदि ज़ो भी होगा अपना सही परिचय देगा इस मन्त्र से अभिमन्त्रित जल पिलाने से भी प्रेत बोलने लगेगा . फिर आपको ईलाज करने मे सुविधा होगी। करके देखिये परिणाम आश्चर्य चकित कर देगा

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